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https://www.blogger.com/blog/post/edit/2200178994957131102/3231321936906217036# यदि जैन साधु, संतों का किसी ज्ञात या अज्ञात वाहन से   सड़क दुर्घटना में देवलोक (मृत्यु) हो जाती है तो पुलिस   भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के अन्तर्गत प्रकरण   दर्ज कर जांच करती है। यदि दुर्घटना चालक की   लापरवाही से हुई है तो लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाकर मृत्यु   कारित करने से संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा   है। यदि चालक दुर्घटना के बाद भाग जाता है, तो हिट - एण्ड   - रन से संबंधित विधिक प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।   यदि जांच में यह सिद्ध हो कि दुर्घटना जानबूझकर की गई थी   तो परिस्थितियों के अनुसार हत्या या हत्या के प्रयास से   संबंधित धाराएं भी लागू हो सकती हैं। यदि दुर्घटना में कोई जैन साधु, संत गंभीर या स्थायी   रूप से विकलांग हो जाते हैं तो उन्हें मोटर वाहन अधिनियम   1988 की धारा 166 के अन्तर्गत मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण   (MACT) में यथोचित मुआवजे का दावा करने ...
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 बिल्कुल दी 🙏 ये वाली खास बात भी जोड़ देती हूं। *प्रेस नोट*   || जय जिनेन्द्र || *भोमिया भवन, शिखरजी में साध्वी भगवंतों का चातुर्मास प्रवेश धूमधाम से सम्पन्न* *शिखरजी* - जैन श्वेताम्बर श्री संघ द्वारा निर्मित भोमिया भवन, शिखरजी में आषाढ़ सुदी त्रयोदशी, *सोमवार दिनांक 27 जुलाई 2026* को बरखेड़ा तीर्थोद्धारिका, शासन दीपिका महतरा *साध्वी सुमंगलाश्री जी म.सा. की चरणशिष्य पदमसाधिका सा. कुसमप्रभा श्री जी म.सा. एवं संयमरत्ना श्री जी म.सा. आदि ठाणा - 2* का चातुर्मास प्रवेश अत्यंत भव्यता एवं हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातः *8:45 बजे* राजेन्द्रसूरी धाम से मंगल प्रभात फेरी के साथ विहार हुआ। इस पावन अवसर पर *भारी संख्या में श्रद्धालु, चार अक्षर वाले वादक, बैंड पार्टी, ढोल-नगाड़े एवं स्थानीय नृत्य समूहों ने बड़े भाव से साध्वी भगवंतों का प्रवेश कराया*। मार्ग भर जयकारों, भक्तिगीतों और धर्म ध्वजाओं से वातावरण भक्तिमय हो गया। प्रातः *9:25 बजे* विधि-विधान पूर्वक भोमिया भवन में मंगल प्रवेश हुआ।   *विशेष सूचना:* पदमसाधिका सा. कुसमप्रभा श्री जी म.सा. एवं संयमरत्ना श्री जी म.सा...
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