https://www.blogger.com/blog/post/edit/2200178994957131102/3231321936906217036# यदि जैन साधु, संतों का किसी ज्ञात या अज्ञात वाहन से सड़क दुर्घटना में देवलोक (मृत्यु) हो जाती है तो पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच करती है। यदि दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई है तो लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाकर मृत्यु कारित करने से संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा है। यदि चालक दुर्घटना के बाद भाग जाता है, तो हिट - एण्ड - रन से संबंधित विधिक प्रावधान भी लागू हो सकते हैं। यदि जांच में यह सिद्ध हो कि दुर्घटना जानबूझकर की गई थी तो परिस्थितियों के अनुसार हत्या या हत्या के प्रयास से संबंधित धाराएं भी लागू हो सकती हैं। यदि दुर्घटना में कोई जैन साधु, संत गंभीर या स्थायी रूप से विकलांग हो जाते हैं तो उन्हें मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 166 के अन्तर्गत मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) में यथोचित मुआवजे का दावा करने ...